वन एवं वन्य जीव विभाग,

उत्तर प्रदेश सरकार, भारत

वन लगाने का कार्य

वन एवं वन्य जीव विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वर्षाकाल में विभागीय वृक्षारोपण कार्य कराया जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में वनावरण व वृक्षावरण वृद्धि हेतु विभिन्न योजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में सामाजिक वानिकी, शहरी क्षेत्र में सामाजिक वानिकी, हरित पट्टी विकास येजना तथा टोटल फॉरेस्ट कवर योजना के द्वारा वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वन एवं वन्य जीव विभाग अन्य सरकारी विभागों से समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण कार्य सम्पादित कराता है। वृक्षारोपण कार्यक्रमों में स्थानीय निवासियों, महिलाओं, कृषकों, जन प्रतिनिधियों तथा विधार्थियों की समुचित सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। वृक्षारोपण की सफलता सुनिश्चित करने हेतु उच्च गुणवत्तायुक्त पौधे रोपित करने हेतु वन एवं वन्य जीव विभाग एवं प्रदेश सरकार क्रियाशील है।

प्रदेश में मृदा एवं जलवायु के अनुकूल शीशम, नीम, अमलतास, गुलमोहर, जकरैण्डा, सिरस, कंजी, आम, छितवन, बरगद, पीपल, पाकड, मौलश्री, कचनार, कदम्ब, इमली, बेल व महुवा आदि विभिन्न प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बडे एवं परम्परागत वृक्षों को अधिकाधिक लगाने पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश सरकार प्रदेश में वनावरण एवं वृक्षावरण वृद्धि हेतु प्रत्येक जनपद में ग्रीन बेल्ट की स्थापना, इको पर्यटन विकास तथा पौधारोपण की शत-प्रतिशत सफलता हेतु अधिक ऊॅचाई की पौध रोपित करने की दिशा में अनवरत् प्रयासरत है।

वन क्षेत्रों और आस-पास रहने वाले समुदायों का आर्थिक स्तर उन्नत करने व वनों के विकास एवं प्रबंधन में शामिल करने हेतु संयुक्त ग्राम वन प्रबंध समितियां एवं ईको विकास समितिया गठित कर वानिकी कार्य कराये जा रहे है। इस प्रकार वन क्षेत्रों के आस-पास रहने वाले व्यक्तियों को वन्यजीव सुरक्षा एवं वानिकी कार्यो में भागीदार बनाकर आर्थिक रूप से उन्नत करने का प्रयास किया जा रहा है।

वृक्षारेापण की सफलता सुनिश्चित करने हेतु 08 से 12 फुट के पौधे रोपित करने हेतु वन विभाग एवं प्रदेश सरकार क्रियाशील प्रदेश में हरीतिमा वृद्धि हेतु प्रदेश सरकार ने वृक्षारोपण के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में हरित पट्टी वृक्षारोपण कराया है।