पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,

उत्तर प्रदेश सरकार, भारत

श्री योगी आदित्यनाथ

माननीय मुख्यमंत्री,उत्तर प्रदेश

श्री दारा सिंह चौहान

माननीय मंत्री,वन विभाग

केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं

भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अन्य योजनाऍ
  • 13वें वित्त आयोग की संस्तुतियों का क्रियान्वयन (अतिरिक्त केंद्रीय सहायता)

    तेरहवें वित्त आयोग द्वारा वन एवं वन्य जीव विभाग उत्तर प्रदेश के लिए वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक के लिए रु० 80.48 करोड़ की पंचवर्षीय कार्ययोजना (वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक) शासन को अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई थी, जिसके सापेक्ष रु० 80.4800 करोड़ की समेकित पंचवर्षीय कार्य योजना अनुमोदित हुई है। सम्पूर्ण प्रदेश में यह योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत खुले वनों का घनत्व बढ़ानें के लिए वृक्षारोपण कार्य, फॉयर लाइन की मरम्मत (पुलिया सहित), सीमांकन (बाउण्ड्री पिलर निर्माण सहित), आवासीय भवनों की मरम्मत वन एवं वन्य जीव विभाग के आधुनिकीकरण योजना के अपूर्ण भवनों का निर्माण, संचार व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, प्रचार-प्रसार कार्य, सूचना तकनीकी प्रणाली का विकास, एप्रोच मार्गो पर ब्रिक गार्ड वृक्षारोपण आदि कार्य कराये जा रहे हैं।

  • राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम (वन विकास अभिकरण के माध्यम से)

    यह योजना वर्ष २०००-०१ से कार्यान्वित की जा रही है। इसके अंतर्गत जन मानस को वनों की सुरक्षा एवं संर्वद्धन के कार्य से जोड़ने हेतु प्रदेश के प्रत्येक प्रभाग में भारत सरकार से प्राप्त मार्ग निर्देश के अनुसार वन विकास अभिकरण का गठन किया गया हैं। इसके अंतर्गत प्रभाग स्तर पर गठित वन विकास अभिकरण द्वारा अधिकाधिक केन्द्रीय सहायता प्राप्त कर जनसहभागिता के माध्यम से वानिकी कार्य सम्पादित किये जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत जिन गावों का चयन किया जाता है, वहॉ के स्थानीय निवासियों के सहयोग से वनों का संरक्षण, विकास व संवर्द्धन किया जाता है। प्रारम्भ से अब तक प्रदेश में 72 वन प्रभागों में एफ०डी०ए० का वित्त-पोषण भारत सरकार द्वारा किया गया है।

  • इन्टेंसीफिकेशन ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (केंद्र द्वारा पुरोनिधानित)

    भारत सरकार द्वारा 45 प्रतिशत तथा राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत वित्त पोषण से वनों की सुरक्षा के उद्देश्य से यह योजना कार्यान्वित की जा रही है। योजनान्तर्गत वनों की अग्नि से सुरक्षा, वनों की सुरक्षा हेतु आवश्यक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंध योजना का निरूपण, फील्ड सर्वे, सीमांकन आदि से सम्बन्धित कार्य करायें जाते हैं।